top of page

हाइड्रोजन हेराल्ड: रंगीन रसायन की रहस्यमय राह
हाइड्रोजन उत्पादन की रंग-आधारित वर्गीकरण प्रणाली ऊर्जा भविष्य को आकार दे रही है। ग्रे हाइड्रोजन वर्तमान में 95% बाजार हिस्सेदारी रखता है लेकिन उच्च CO₂ उत्सर्जन करता है। ग्रीन हाइड्रोजन की लागत तेजी से घट रही है व 2030 तक आर्थिक व्यवहार्यता प्राप्त कर सकती है। टर्कॉइज़ हाइड्रोजन जैसी नई तकनीकें कार्बन अर्थव्यवस्था को सर्कुलर बना सकती हैं।
bottom of page